बागपत: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अगाध आस्था का केंद्र सिद्धपीठ श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर अब देश और दुनिया के डिजिटल मानचित्र पर अपनी भव्य चमक बिखेर रहा है। श्रावणी कांवड़ मेले को पर्यावरण-अनुकूल ‘जीरो वेस्ट महोत्सव’ का रूप देकर बागपत प्रशासन और सूचना विभाग ने आस्था और आधुनिक तकनीक का ऐसा अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है, जिसकी गूंज अब दिल्ली के राष्ट्रीय गलियारों तक सुनाई दे रही है।
क्यूआर कोड की एक स्कैनिंग से पुरा महादेव का मार्ग सुगम हुआ
क्यूआर कोड की एक स्कैनिंग से पुरा महादेव का मार्ग सुगम हुआ, तो वहीं सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बदली डीपी के जरिए ‘भक्ति भी, प्रकृति भी’ का विचार राष्ट्रीय जन-आंदोलन बन गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के कुशल मार्गदर्शन में तैयार इस डिजिटल मॉडल को धरातल पर उतारने में जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी और ‘माय भारत’ के स्टेट यूथ अवॉर्डी अमन कुमार की जोड़ी ने मुख्य भूमिका निभाई। इस जुगलबंदी से न केवल लाखों श्रद्धालुओं की राह आसान हुई, बल्कि बागपत की सांस्कृतिक विरासत को एक वैश्विक पहचान भी मिली है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकसित किए गए विशेष 'कांवड़ यात्रा ऐप' ने इस बार कांवड़ सेवा के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ऐप को 30 हजार से अधिक बार इस्तेमाल किया गया, जिसने समूह में आ रहे लाखों शिवभक्तों को रूट, जलाभिषेक और प्रशासनिक सुविधाओं की रियल-टाइम जानकारी दी। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी बागपत के इस डिजिटल प्रयोग को 'स्मार्ट कांवड़ यात्रा' के रोल मॉडल के रूप में सराहा है।
बागपत से उठी यह पहल अब भारत सरकार के ‘माय गवर्नमेंट’ (MyGov) प्लेटफॉर्म पर भी छाई हुई है
इसके साथ ही, बागपत से उठी यह पहल अब भारत सरकार के ‘माय गवर्नमेंट’ (MyGov) प्लेटफॉर्म पर भी छाई हुई है। जिम्मेदार आस्था और पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेने के लिए शुरू किए गए राष्ट्रीय अभियान से देशभर के हजारों नागरिक जुड़े हैं। इतना ही नहीं, देश भर से 1,380 इनोवेटिव सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि बागपत की 'जीरो वेस्ट' सोच ने पूरे भारत के नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया है।
सोशल मीडिया के जुनून को धर्म और पर्यावरण से जोड़ते हुए चलाए गए डिजिटल चैलेंज
सोशल मीडिया के जुनून को धर्म और पर्यावरण से जोड़ते हुए चलाए गए डिजिटल चैलेंज के तहत हजारों युवाओं ने अपनी डीपी और स्टेटस पर #ZeroWasteMahotsav और #BhaktiBhiPrakritiBhi हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर कीं। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के राष्ट्रीय पोर्टल 'अतुल्य भारत' (Incredible India) पर भी इस महोत्सव को प्रमुखता से स्थान मिला है, जिससे अब देश-विदेश के पर्यटकों के लिए पुरा महादेव आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
इस सफलता पर जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने बताया
इस सफलता पर जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने बताया कि कांवड़ जैसे विशाल आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं तक समय पर सही सूचना पहुंचाना होता है। तकनीक का सरल उपयोग कर न केवल यात्रा को सुगम बनाया गया, बल्कि बागपत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को देश के सामने मजबूती से रखा गया।
वहीं, 'माय भारत' के स्वयंसेवक अमन कुमार ने कहा
वहीं, 'माय भारत' के स्वयंसेवक अमन कुमार ने कहा कि बागपत से निकली 'जीरो वेस्ट महोत्सव' की यह सोच आने वाले समय में देश-विदेश के संस्कृति प्रेमियों को आकर्षित करेगी। डिजिटल क्रांति और जनभागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि हमारी आस्था पर्यावरण की रक्षा करते हुए और भी भव्य हो सकती है।
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