संवाददाता जालौन
उरई - (Jalaun News) जालौन जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहां एक अपहरण मामले में कार्रवाई के लिए हरियाणा गई पुलिस टीम भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में 4 पुलिसकर्मियों समेत कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली उरई में एक अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अपहृत युवक बिजेन्द्र सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, निवासी सब्जी मंडी रोड, अमरहेड़ी थाना सिविल लाइन, जनपद जींद (हरियाणा) की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम को आवश्यक कार्रवाई के लिए हरियाणा रवाना किया गया था, ताकि अपहृत युवक को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जा सके।
बताया जा रहा है कि दिनांक 05 मई 2026 को सुबह करीब 10 बजे सूचना प्राप्त हुई कि उक्त पुलिस टीम जिस वाहन से जा रही थी, वह हरियाणा के नूंह जनपद के तावड़ू सदर थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी प्रमुख सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस हादसे में जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनमें उरई कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी प्रदीप कुमार (सर्विलांस सेल), आरक्षी अशोक कुमार (कोतवाली उरई) तथा वादी मुकदमा अमरीक सिंह पुत्र देवा सिंह निवासी बुसेरा थाना मूनक जनपद संगरूर (पंजाब) शामिल हैं। सभी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जालौन पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तत्काल हरकत में आए और हरियाणा पुलिस से संपर्क साधकर पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही मृतकों के परिजनों को सूचित किया गया। इस खबर के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा तेज रफ्तार और वाहन के नियंत्रण खोने के कारण हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा न केवल जालौन पुलिस के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति है। जिन पुलिसकर्मियों की इस दुर्घटना में मृत्यु हुई है, वे अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हुए हैं। वे एक अपहृत युवक को सकुशल बरामद करने के उद्देश्य से अपने मिशन पर निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दिवंगत पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित और ईमानदार थे, जिनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकेगी।
वहीं, प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। शासन स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और आवश्यक आर्थिक सहायता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कई सामाजिक संगठनों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी के अभियानों में सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पुलिस टीम अक्सर कठिन परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करती है, ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम होना बेहद जरूरी है।फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे से पूरा जालौन जनपद शोक में डूबा हुआ है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि जो पुलिसकर्मी दूसरों की सुरक्षा के लिए निकले थे, वे खुद इस तरह की दुर्घटना का शिकार कैसे हो गए। मृतकों के परिवारों के लिए यह क्षति असहनीय है और उनकी भरपाई किसी भी तरह संभव नहीं है।
पुलिस विभाग ने सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया है। वहीं, पूरे मामले की जांच जारी है और जल्द ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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