क्राइम ब्यूरो, सचिन सिंह चौहान | आगरा
आगरा। यमुना नदी में मंगलवार को नहाने गए छह भाई-बहनों में से चार की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चियों को स्थानीय गोताखोरों ने समय रहते बचा लिया। हादसे के बाद पार्वती घाट पर चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया। महिलाओं की चीत्कार और परिजनों के आंसू देखकर वहां मौजूद लोग भी खुद को रोक नहीं सके।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को भूरी सिंह के बेटे सौरभ की बेटी नित्या का पहला जन्मदिन मनाया गया था। परिवार में देर रात तक जश्न, गाना-बजाना और डांस चलता रहा। मंगलवार सुबह बच्चे जागे तो गर्मी के कारण घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित स्वीमिंग पूल में नहाने की बात कही। हालांकि उन्हें यमुना नदी में जाने से मना किया गया था, लेकिन जब बच्चे पूल पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला।
इसके बाद सभी बच्चों ने यमुना किनारे नहाने का फैसला किया और पार्वती घाट की ओर चले गए। वहां नदी के एक हिस्से में पानी जमा था। महक, काजल समेत छह लोग नहाने के लिए पानी में उतर गए। बच्चों को अंदाजा नहीं था कि वहां गहरे गड्ढे हैं। नहाते समय एक-एक कर बच्चे डूबने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में अन्य साथी भी गहरे पानी में फंसते चले गए।
घाट पर मौजूद गोताखोर टीटू और बबलू ने बच्चों की चीख सुनते ही नाव लेकर मौके पर दौड़ लगाई। गोताखोर टीटू ने बताया कि उन्होंने पहले ही बच्चों को गहरे पानी के खतरे को लेकर चेताया था, लेकिन बच्चे आगे बढ़ गए। करीब 15 मिनट बाद मदद की आवाज सुनकर उन्होंने पानी में छलांग लगाई और कई गोते लगाकर तीन बच्चियों को बाहर निकाला। इनमें से दो की जान बच गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर थी।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने सभी को एंबुलेंस से एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। बाद में एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शाम करीब चार बजे विक्की का शव भी बरामद कर लिया गया।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी और गहरे जलाशयों में नहाने से पहले सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले पानी में न जाने दें।


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